रविवार, 26 मार्च 2017

लिख दी

बेजुबान पत्थर पे लदे है करोडो के गहने मंदिरो में।
उसी दहलीज पे एक रूपये को तरसते नन्हे हाथो को देखा है।।
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सजे थे छप्पन भोग और मेवे मूरत के आगे। 
बाहर एक फ़कीर को भूख से तड़प के मरते देखा है।।
लदी हुई है रेशमी चादरों से वो हरी मजार।
पर बाहर एक बूढ़ी अम्मा को ठंड से ठिठुरते देखा है।।
वो दे आया एक लाख गुरद्वारे में हॉल के लिए।
घर में उसको 500 रूपये के लिए काम वाली बाई को बदलते देखा है।।
सुना है चढ़ा था सलीब पे कोई दुनिया का दर्द मिटाने को।
आज चर्च में बेटे की मार से बिलखते माँ बाप को देखा है।।
जलाती रही जो अखन्ड ज्योति देसी घी की दिन रात पुजारन।
आज उसे प्रसव में कुपोषण के कारण मौत से लड़ते देखा है।।
जिसने न दी माँ बाप को भर पेट रोटी कभी जीते जी।
आज लगाते उसको भंडारे मरने के बाद देखा है।।
दे के समाज की दुहाई ब्याह दिया था  जिस बेटी को जबरन बाप ने।
आज पीटते उसी शौहर के हाथो सरे राह देखा है।।
मारा गया वो पंडित बे मौत सड़क दुर्घटना में यारो।
जिसे खुद को काल, सर्प, तारे और हाथ की लकीरो का माहिर लिखते देखा है।।
जिसे घर की एकता की देता था जमाना कभी मिसाल दोस्तों।
आज उसी आँगन में खिंचती दीवार को देखा है।।

बन्द कर दिया सांपों को सपेरे ने यह कहकर।
अब इंसान ही इंसान को डसने के काम आएगा।।

आत्म हत्या कर ली गिरगिट ने सुसाइड नोट छोडकर।
अब इंसान से ज्यादा मैं रंग नहीं बदल सकता।।
गिद्ध भी कहीं चले गए लगता है उन्होंने देख लिया कि।
इंसान हमसे अच्छा नोंचता  है।।

कुत्ते कोमा में चले गए, ये देखकर।
क्या मस्त तलवे चाटते हुए इंसान देखा है।।

बिजली चोरी के 12 तरीके लगा रहे हैं बिजली विभाग को बड़ी चपत

 बिजली चोरी के 12 तरीके लगा रहे हैं बिजली विभाग को बड़ी चपत
 बिजली चोरी को रोकने के लिए पहले मेनुअल मीटर में होने वाली छेड़छाड़ को खत्म करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए गए हैं लेकिन बिजली चोरों ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर का भी तोड़ निकाल लिया है बिजली चोरी करने वालों को शायद इस बात की जानकारी नहीं है लेकिन अगर बिजली चोरी में पकड़े जाते हैं तो उन्हें मौजूदा बिल के साथ समन शुल्क जो की लोड पर आधारित है और अधिभार जो की अवर अभियंता के द्वारा लगाया जाता है जिसे विभाग के बाबू तैयार करते हैं           amazon.in 
1. रिमोट-- बिजली चोरी के लिए एक उपभोक्ता ने खिलौने के रिमोट से मीटर को कंट्रोल करता है ऐसे मैं जब भी बिजली विभाग के अधिकारी चेक करने आते थे वह रिमोट से मीटर चला देता था रिमोट tv का भी होता है
2. इंजेक्शन से मीटर को जमा करके-- इंजेक्शन के जरिए मीटर की स्क्रीन में एसिड डाल कर इस स्क्रीन को खराब कर देती थे जिसके चलते औसतन बिल विभाग की ओर से उपभोक्ता को भेजा जाता है    amazon.in
3. रजिस्टेंस लगाकर होती है बिजली चोरी-- मीटर में रजिस्टेंस लगाकर बिजली चोरी का तरीका काफी पुराना है लेकिन इसका प्रयोग करके लोग आज भी मीटर को धीमा करते हैं                 amazon.in
4. क्रिस लिन और पानी डाल कर पुश बटन को जाम कर देते हैं-- पुश बटन में ग्रीस लिंग और पानी डालकर उस बटन को जाम कर दिया जाता है जिसके जरिए मीटर खुल नहीं पाता था और डिस्प्ले के साथ छेड़छाड़ सामने नहीं आती है                             amazon.in
5. एक्स-रे चिप लगाकर करते हैं बिजली चोरी-- मीटर में एक्स-रे चिप के जरिए मीटर को काफी धीमा कर दिया जाता है जिससे बेल कम आता है
6. कटिया डालकर बिजली चोरी-- कटिया डालकर बिजली चोरी काफी पारंपरिक तरीका है जो आज भी कई इलाकों में अपनाई जाती है और यह abc केबल में मीटर से पहले दो पिन लगा कर या दो कीले लगाकर कटिया चलाते हैं                                  amazon.in
7. मीटर के साथ टेंपरिंग करके-- मीटर को अक्सर लोग क्षतिग्रस्त कर उसे बंद कर देते हैं बाद में उसे बदलने की अपील करते हैं जिसके बाद बिजली बिल काफी दिनों तक औसत के आधार पर दिया जाता है
8. विभाग के कर्मचारियों से मिलीभगत करके बिजली विभाग के अधिकारी कुछ पैसे की लालच में मीटर को सीलिंग में डाल देते हैं जिसके बाद बिल औसत के आधार पर आता है                amazon.in      
 9.चुंबकीय जरिए अभी भी कई इलाके ऐसे हैं जहां इलेक्ट्रॉनिक मीटर नहीं लगे हैं वहां चुंबक के जरिए मीटर को धीमा किया जाता है उदाहरण के लिए काले मीठा और और भी                        amazon.in
10. अर्थ के तार को काटकर होती है चोरी-- मीटर में लगने वाले अर्थ के तार को काटकर बीच में डिवाइस लगा दी जाती है ऐसे में मीटर की रेडिंग नहीं बढ़ती है
11. मीटर में रीडिंग छोड़ कर-- बिजली विभाग के कर्मचारी कुछ पैसे की लालच में मीटर में रीडिंग छोड़ देते हैं और उपभोक्ता से कुछ पैसे लेकर मीटर को क्षतिग्रस्त कर देते हैं या बदल देते हैं
12. मीटर को IDF,CNF कर कर-- मीटर से 30, 35 यूनिट का बिल निकालने के बाद उसे IDF कर दिया जाता है बिजली कर्मचारियों के द्वारा जिसका बिल अधिक हो जाता है उसे अपने क्षेत्र से हटाकर दूसरे के क्षेत्र में डाल देते हैं जिससे बिल उनकी मशीन में नहीं आता और कुछ दिनों बाद उस पर नया सयोजन हो जाता है

शनिवार, 25 मार्च 2017

हिन्दुओ का मूर्खता दिवस अप्रैल फूल

अप्रैल फूल" किसी को कहने से पहले
इसकी          amazon.in         
वास्तविक सत्यता जरुर जान ले.!!
पावन महीने की शुरुआत को मूर्खता दिवस
कह रहे                  amazon.in  
हो !!
पता भी है क्यों कहते है अप्रैल फूल (अप्रैल फुल
का                      amazon.in                
अर्थ है - हिन्दुओ का मूर्खता दिवस).??
ये नाम अंग्रेज ईसाईयों की देन है…
मुर्ख हिन्दू कैसे समझें "अप्रैल फूल" का मतलब बड़े
दिनों से बिना सोचे समझे चल रहा है अप्रैल फूल,
अप्रैल फूल ???            amazon.in     
इसका मतलब क्या है.?? दरअसल जब ईसाइयत अंग्रेजो
द्वारा हमे 1 जनवरी का नववर्ष थोपा गया तो उस
समय लोग विक्रमी संवत के अनुसार 1 अप्रैल से
अपना                       amazon.in
नया साल बनाते थे, जो आज भी सच्चे हिन्दुओ
द्वारा मनाया जाता है, आज भी हमारे बही
खाते                      amazon.in  
और बैंक 31 मार्च को बंद होते है और 1 अप्रैल से शुरू
होते है, पर उस समय जब भारत गुलाम था तो ईसाइयत
ने विक्रमी संवत का नाश करने के लिए साजिश करते
हुए 1 अप्रैल को मूर्खता दिवस "अप्रैल फूल" का नाम
दे दिया ताकि हमारी सभ्यता मूर्खता लगे अब आप
ही सोचो अप्रैल फूल कहने वाले कितने
सही हो
आप.?               amazon.in
यादरखो अप्रैल माह से जुड़े हुए इतिहासिक दिन और
त्यौहार                 amazon.in
1. हिन्दुओं का पावन महिना इस दिन से शुरू होता है
(शुक्ल प्रतिपदा)             amazon.in
2. हिन्दुओ के रीति -रिवाज़ सब इस दिन के कलेण्डर
के अनुसार बनाये जाते है।
6. आज का दिन दुनिया को दिशा देने वाला है।
अंग्रेज ईसाई, हिन्दुओ के विरुध थे इसलिए हिन्दू के
त्योहारों को मूर्खता का दिन कहते थे और आप
हिन्दू भी बहुत शान से कह रहे हो.!!
गुलाम मानसिकता का सुबूत ना दो अप्रैल फूल लिख
के.!!                    amazon.in      
अप्रैल फूल सिर्फ भारतीय सनातन कलेण्डर, जिसको
पूरा विश्व फॉलो करता था उसको भुलाने और
मजाक उड़ाने के लिए बनाया गया था। 1582 में पोप
ग्रेगोरी ने नया कलेण्डर अपनाने का फरमान
जारी                     amazon.in
कर दिया जिसमें 1 जनवरी को नया साल का प्रथम
दिन बनाया गया।            amazon.in
जिन लोगो ने इसको मानने से इंकार किया, उनको 1
अप्रैल को मजाक उड़ाना शुरू कर दिया और धीरे-
धीरे                          amazon.in       
1 अप्रैल नया साल का नया दिन होने के बजाय मूर्ख
दिवस बन गया।आज भारत के सभी लोग अपनी ही
संस्कृति का मजाक उड़ाते हुए अप्रैल फूल डे मना रहे
है।
जागो हिन्दुओ जागो।।                 amazon.in
अपने धर्म को पहचानो।
इस जानकारी को इतना फैलाओ कि कोई भी इस आने वाली 1 अप्रैल से मूर्खता का परिचय न दे और और अंग्रेजों द्वारा प्रसिद्ध किया गया ये हिंदुओं का मजाक बंद होजाये ।

जय हिन्द

प्यार के नियम की खोज

न्यूटन की तरह भी प्यार के नियम की खोज की है जो इस प्रकार है :-
सार्वत्रिक (यूनिवर्सल) नियम:
                             amazon.in प्यार को न तो पैदा किया जा सकता है और न
ही नष्ट किया जा सकता है, इसे केवल कुछ धन
की क्षति के साथ एक गर्ल फ्रेंड से दूसरी गर्लफ्रेंड में
स्थानांतरित किया जा सकता है
                        amazon.in
पहला नियम :-लड़का , लड़की को हमेशा प्यार
करता रहेगा और लड़की भी लडके को प्यार
करना जारी रखेगी तब तक जब तक कि कोई
बाह्य बल (लड़की के बाप एवं भाई द्वारा लडके
की टाँगे तोड़कर ) न लगाया जाये
                      amazon.in    
दूसरा नियम:-एक दुसरे के प्रेम में डूबे युगल में
लड़की द्वारा लड़के से किये जाने वाले प्रेम
की मात्रा में परिवर्तन, लडके के बेंक बेलेंस
की मात्रा के अनुक्रमानुपाती होता है
                    amazon.in  
तीसरा नियम -लड़की द्वारा प्रेम निवेदन
अस्वीकार किये जाने में प्रयुक्त आरोपित बल,
उसके सेंडल द्वारा प्रयोग किये जाने वाले बल के
समान एवं विपरीत दिशा में होता है

                         amazon.in मार्केट में एकदम नया है जल्दी शेयर करो 

धीरे धीरे पढिये पसंद आएगा.

.
.मुसीबत में अगर मदद मांगो तो सोच कर मागना क्योंकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का.....
कल एक इन्सान रोटी मांगकर ले गया और करोड़ों कि दुआयें दे गया, पता ही नहीँ चला की, गरीब वो था की मैं....
                                            amazon.in .जिस घाव से खून नहीं निकलता, समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है..                               
                                         amazon.in                               
बचपन भी कमाल का था खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर, आँख बिस्तर पर ही खुलती थी...
                                          amazon.in 
खोए हुए हम खुद हैं, और ढूंढते भगवान को हैं...

अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है कि माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये....
                                          amazon.in जिन्दगी तेरी भी अजब परिभाषा है.. सँवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है...
                                          amazon.in                            
खुशीयाँ तकदीर में होनी चाहिये, तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है...

ज़िंदगी भी वीडियो गेम सी हो गयी है एक लेवल क्रॉस करो तो अगला लेवल और मुश्किल आ जाता हैं.....
                                            amazon.in इतनी चाहत तो लाखों रुपये पाने की भी नही होती, जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती है.......

हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो, क्योंकि इन्सान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है..

मनुष्य का अपना क्या है ?
जन्म :-     दुसरो ने दिया
नाम  :-     दुसरो ने रखा                          amazon.in
शिक्षा :-    दुसरो ने दी
रोजगार :- दुसरो ने दिया और
शमशान :- दुसरे ले जाएंगे
तो व्यर्थ में घमंड किस बात पर करते है लोग

बुधवार, 22 मार्च 2017

Very heart touching Story...



एक पाँच छ: साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर मंदिर के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था ।                         
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कपड़े में मैल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे ।
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बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे और वह बिल्कुल अनजान अपने भगवान से बातों में लगा हुआ था ।

जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा और पूछा : -
"क्या मांगा भगवान से"
उसने कहा : -                      amazon.in
"मेरे पापा मर गए हैं उनके लिए स्वर्ग,
मेरी माँ रोती रहती है उनके लिए सब्र,
मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे"..
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"तुम स्कूल जाते हो"..?
अजनबी का सवाल स्वाभाविक सा सवाल था ।

हां जाता हूं, उसने कहा ।
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किस क्लास में पढ़ते हो ? अजनबी ने पूछा

नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, मां चने बना देती है वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ ।
बहुत सारे बच्चे मुझसे चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है ।
बच्चे का एक एक शब्द मेरी रूह में उतर रहा था ।
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"तुम्हारा कोई रिश्तेदार"
न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा ।

पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता,
माँ झूठ नहीं बोलती,           amazon.in 
पर अंकल,
मुझे लगता है मेरी माँ कभी कभी झूठ बोलती है,
जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है ।
जब कहता हूँ
माँ तुम भी खाओ, तो कहती है मैने खा लिया था, उस समय लगता है झूठ बोलती है ।

बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाय तो पढाई करोगे ?
"बिल्कुलु नहीं"

"क्यों"
पढ़ाई करने वाले, गरीबों से नफरत करते हैं अंकल,
हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा - पास से गुजर जाते हैं ।

अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी ।

फिर उसने कहा
"हर दिन इसी इस मंदिर में आता हूँ,
कभी किसी ने नहीं पूछा - यहाँ सब आने वाले मेरे पिताजी को जानते थे - मगर हमें कोई नहीं जानता ।

"बच्चा जोर-जोर से रोने लगा"

 अंकल जब बाप मर जाता है तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ?

मेरे पास इसका कोई जवाब नही था...

ऐसे कितने मासूम होंगे जो हसरतों से घायल हैं ।
बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतीमों, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए .........................

मंदिर मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस - पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो ।

आपको पसंद आऐ तो सब काम छोडके ये मेसेज कम से कम एक या दो गुरुप मे जरुर डाले ।
कहीं गुरुप मे ऐसा देवता ईन्सान मिल जाऐ ।
कहीं एसे बच्चो को अपना भगवान मील जाए ।
कुछ समय के लिए एक गरीब बेसहारा की आँख मे आँख डालकर देखे, आपको क्या महसूस होता है ।

फोटो या विडीयो भेजने कि जगह ये मेसेज कम से कम एक या दो गुरुप मे जरुर डाले ।

 स्वयं में व समाज में बदलाव लाने के प्रयास जारी रखें ।

फागुन के महीने

कौन रंग फागुन रंगे, रंगता कौन वसंत?
प्रेम रंग फागुन रंगे, प्रीत कुसुंभ वसंत।
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चूड़ी भरी कलाइयाँ, खनके बाजू-बंद,
फागुन लिखे कपोल पर, रस से भीगे छंद।
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फीके सारे पड़ गए, पिचकारी के रंग,
अंग-अंग फागुन रचा, साँसें हुई मृदंग।
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धूप हँसी बदली हँसी, हँसी पलाशी शाम,
पहन मूँगिया कंठियाँ, टेसू हँसा ललाम।
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कभी इत्र रूमाल दे, कभी फूल दे हाथ,
फागुन बरज़ोरी करे, करे चिरौरी साथ।
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नखरीली सरसों हँसी, सुन अलसी की बात,
बूढ़ा पीपल खाँसता, आधी-आधी रात।
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बरसाने की गूज़री, नंद-गाँव के ग्वाल,
दोनों के मन बो गया, फागुन कई सवाल।
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इधर कशमकश प्रेम की, उधर प्रीत मगरूर,
जो भीगे वह जानता, फागुन के दस्तूर।
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पृथ्वी, मौसम, वनस्पति, भौरे, तितली, धूप,
सब पर जादू कर गई, ये फागुन की धूल।
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फागुन का रंग और नशा सब पर चढ़ जाये